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हमने 10 साल गरीबों को समर्पित किए- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आवास योजना के एक लाख लाभार्थियों को पहली किस्त जारी करने के बाद वीडियो कांफ्रेंस अयोजित की।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आवास योजना के एक लाख लाभार्थियों को पहली किस्त जारी करने के बाद वीडियो कांफ्रेंस अयोजित की। बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थियों को 540 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई। लाभार्थियों ने रसोई गैस कनेक्शन, बिजली, पाइप से पानी और आवास सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के बाद अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों पर चर्चा की।

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के एक लाख लाभार्थियों को पहली किस्त जारी करने के बाद वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया।

पीएम मोदी ने कहा, “त्रेता में राजा राम की कथा हो या आज की राज-कथा बिना गरीब, बिना वंचित, बिना वनवासी भाई-बहनों के कल्याण के संभव ही नहीं है। इसी सोच के साथ हम लगातार काम कर रहे हैं। हमने 10 साल गरीबों को समर्पित किए। गरीबों को 4 करोड़ से अधिक पक्के घर बनाकर दिए।” उन्होंने कहा, “जिनको कभी किसी ने पूछा नहीं, उनको मोदी आज पूछता भी है और पूजता भी है।”

व्रत-अनुष्ठान के बारे में दी जानकारी

प्रधानमंत्री ने संवाद के दौरान कहा, “हमारी सरकार का प्रयास है कि कोई भी उसकी कल्याणकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहे।” अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इन दिनों उन्होंने भी 11 दिन व्रत-अनुष्ठान का एक संकल्प किया हुआ है इस दौरान श्रीराम का ध्यान और स्मरण कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “जब आप प्रभु राम का स्मरण करेंगे तो माता शबरी की याद आना बहुत स्वाभाविक है। श्रीराम की कथा माता शबरी के बिना संभव ही नहीं है। अयोध्या से जब राम निकले थे तब तो वह राजकुमार थे। लेकिन राजकुमार राम, मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में हमारे सामने आए क्योंकि माता शबरी हो, केवट हो, निषाद राज हो… न जाने कौन-कौन से लोग… जिनके सानिध्य ने राजकुमार राम को प्रभु राम बना दिया।”

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की योजनाएं अति पिछड़े जनजातीय लोगों तक पहुंचें, यही पीएम-जनमन महाअभियान का उद्देश्य है। उन्होंने कहा, “सरकार पूरी ताकत लगा रही है कि हमारे अति पिछड़े जनजातीय भाई-बहनों तक सरकार की हर योजना जल्द से जल्द पहुंचे। मेरा कोई अति पिछड़ा भाई-बहन अब सरकार की योजना के लाभ से छूटेगा नहीं।”

पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ दो महीने में ही पीएम-जनमन अभियान ने वह लक्ष्य हासिल करने शुरू कर दिए हैं जो पहले कभी कोई नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की भावी पीढ़ियों को अब किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े, इसके लिए उनकी सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

15 नवंबर को शुरू हुई योजना

आपको बता दें कि पिछले साल 15 नवंबर को पीएम-जनमन की शुरूआत समाज के सबसे कमजोर जनजातीय समूहों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण के लिए की गई थी। पीएम-जनमन का बजट लगभग 24,000 करोड़ रुपये का है और इसमें 9 मंत्रालयों के माध्यम से 11 महत्वपूर्ण पहलों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य सबसे कमजोर जनजातीय समूहों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इनमें सुरक्ष‍ित आवास, स्‍वच्‍छ पेयजल, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, बिजली, सडक और संचार जैसी सुविधा तथा टिकाऊ आजीविका के अवसर उपलब्‍ध कराना शामिल है।

PM-JANMAN सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जो समाज के सबसे कमजोर जनजातीय समूहों के कल्याण के लिए है। इस पहल से इन समूहों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।

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