
काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे ज्ञानवापी क्षेत्र में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) विभाग द्वारा कराए गए सर्वे की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। बता दें कि बीती रात दस बजे रिपोर्ट को कोर्ट ने पक्षकारों को सौंपी। इस रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे संकेत मिले हैं कि ज्ञानवापी की वर्तमान संरचना से पहले यहां एक विशाल हिंदू मंदिर था।
रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद अब हिंदू दलों ने मांग की है कि हिंदुओं को वहां पूजा करने की इजाजत दी जाए। मुस्लिम पक्षकारों ने कहा है कि वे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
सर्वे की 10 अहम बातें
- मस्जिद से पहले जो मंदिर था उसके उत्तर की ओर एक बड़ा केंद्रीय कक्ष और एक छोटा कमरा था।
- 17वीं शताब्दी में मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया और उसके एक हिस्से को मस्जिद में शामिल कर लिया गया।
- मस्जिद के निर्माण में मंदिर के स्तंभों सहित कुछ अन्य भागों का उपयोग बिना अधिक संशोधन के किया गया था।
- कुछ खंभों से हिंदू धर्म से जुड़े प्रतीकों को मिटाने की कोशिश की गई है।
- मस्जिद की पश्चिमी दीवार पूरी तरह से हिंदू मंदिर का हिस्सा है।
- सर्वेक्षण में 32 शिलालेख और पत्थर मिले हैं, जो वहां पहले के हिंदू मंदिरों के प्रमाण हैं।
- शिलालेख देवनागरी, तेलुगु और कन्नड़ भाषाओं में लिखे गए हैं।
- जनार्दन, रुद्र और उमेश्वर अंकित एक शिलालेख। एक अन्य शिलालेख पर लिखा है ‘महामुक्ति मंडप’।
- मस्जिद के कई हिस्सों में मंदिर का ढांचा मिला है।
- मस्जिद में लगे एक अन्य शिलालेख पर लिखे समय को भी मिटाने की कोशिश की गई है।
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